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विट्ठलनाथजी प्राकट्योत्सव 2027
मार्गशीर्ष कृष्ण नवमी: श्री विट्ठलनाथजी का प्राकट्य दिवस
📍
बेंगलुरु, भारत
विट्ठलनाथजी प्राकट्योत्सव · 2027
📍 बेंगलुरु, भारत
शुक्रवार, जनवरी 1, 2027
मार्गशीर्ष कृष्ण नवमी: श्री विट्ठलनाथजी का प्राकट्य दिवस
सभी तारीखें · बेंगलुरु
विट्ठलनाथजी प्राकट्योत्सव
🗓 शुक्रवार, जनवरी 1, 2027
विट्ठलनाथजी प्राकट्योत्सव
🗓 मंगलवार, दिसम्बर 21, 2027
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:42:49 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
06:03:26 अपराह्न
🌅 पिछला सूर्योदय
दिसम्बर 31
06:42:25 पूर्वाह्न
🪔 नवमी शुरू
दिसम्बर 31
12:32:37 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
जनवरी 1, 2027
06:42:49 पूर्वाह्न
🪔 नवमी समाप्त
जनवरी 1, 2027
01:10:14 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
जनवरी 1, 2027
06:03:26 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
जनवरी 2, 2027
06:43:12 पूर्वाह्न
परिचय
विट्ठलनाथजी प्राकट्योत्सव
विट्ठलनाथजी प्राकट्योत्सव श्री वल्लभाचार्य के द्वितीय पुत्र श्री विट्ठलनाथजी (गोसाईंजी) के प्राकट्य दिवस का स्मरण कराता है, जो पुष्टिमार्ग (वल्लभ संप्रदाय) में मार्गशीर्ष कृष्ण नवमी को मनाया जाता है।
विट्ठलनाथजी को पुष्टिमार्ग में श्रीनाथजी की नित्य सेवा परंपरा के आयोजक के रूप में पूजा जाता है, जिन्होंने अष्ट-छाप नामक आठ प्रमुख कवि-भक्तों की स्थापना की। यह दिवस पुष्टिमार्गीय हवेलियों में विशेष सेवा, भोग और कीर्तन के साथ मनाया जाता है।
परंपरा और विधि
श्री विट्ठलनाथजी (गोसाईंजी)
श्री वल्लभाचार्य के द्वितीय पुत्र, पुष्टिमार्ग की नित्य सेवा परंपरा के आयोजक के रूप में पूजे जाते हैं।
अष्ट-छाप
विट्ठलनाथजी द्वारा स्थापित आठ प्रमुख कवि-भक्त, पुष्टिमार्गीय कीर्तन सेवा का मूल आधार।
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