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यजुर् उपाकर्म 2111: Chandigarh, Chandigarh

आवनि अवित्तम, यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीनीकरण, आपके शहर के लिए

📍 Chandigarh, Chandigarh, India
‹ 2111 ›
यजुर् उपाकर्म · 2111
📍 Chandigarh, Chandigarh, India
शुक्ल यजुर्वेद
उत्तर भारत, गुजरात, महाराष्ट्र
September 8, 2111
कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
दक्षिण भारत
August 19, 2111 (parihara)
कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
दक्षिण भारत
August 19, 2111 (parihara)
कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
दक्षिण भारत
August 10, 2111
आवनि अवित्तम, यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीनीकरण, आपके शहर के लिए
Yajur Upakarma Dates · Chandigarh
शुक्ल यजुर्वेद
September 8, 2111
भाद्रपद शुक्ल पंचमी
संक्रांति (Simha): Aug 19, 2111 2:54 AM
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
परिहार सहित: August 19, 2111
उपाकर्म करने से पहले सूर्य पूजा और सूर्य मंत्र होम (108 आहुति) करें.
विकल्प, बिना परिहार के: September 8, 2111 (भाद्रपद शुक्ल पंचमी)
Baudhayana Sutra only allows Purnima as primary and secondary; this is given as per other Smriti granthas
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
परिहार सहित: August 19, 2111
उपाकर्म करने से पहले सूर्य पूजा और सूर्य मंत्र होम (108 आहुति) करें.
विकल्प, बिना परिहार के: September 8, 2111 (भाद्रपद शुक्ल पंचमी)
Apastamba Sutra only allows Purnima as primary and secondary; this is given as per other Smriti granthas
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
August 10, 2111
हस्त नक्षत्र, श्रावण शुक्ल
संक्रांति (Simha): Aug 19, 2111 2:54 AM
गायत्री जप
August 20, 2111
🌅 पिछला सूर्योदय
Aug 18
05:52:08
🌕 पूर्णिमा शुरू
Aug 18
17:07:13
☀️ संक्रांति
Aug 19
02:54:21
🌅 सूर्योदय
Aug 19
05:52:44
🌖 पूर्णिमा समाप्त
Aug 19
13:26:41
🌇 सूर्यास्त
Aug 19
19:01:18
🌅 अगला सूर्योदय
Aug 20
05:53:19

उपाकर्म के 48 घंटों के भीतर ग्रहण या संक्रांति

About

यजुर् उपाकर्म

यजुर्वेद उपाकर्म (जिसे श्रावणी उपाकर्म, और तमिल में आवणि अविट्टम भी कहा जाता है) यज्ञोपवीत (पवित्र जनेऊ) का वार्षिक नवीनीकरण है, जो यजुर्वेद अनुयायी परिवारों द्वारा मनाया जाता है और परंपरागत रूप से श्रावण पूर्णिमा को किया जाता है।

सटीक तिथि प्रतिवर्ष और यजुर्वेद की प्रत्येक शाखा के अनुसार बदल सकती है -- शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद की बौधायन तथा आपस्तम्ब सूत्र परंपराओं के अपने-अपने समय-निर्धारण के नियम हैं, और मुख्य दिन ग्रहण, संक्रांति, तथा ग्रहों के अस्त होने के अनुसार तिथि और आगे भी खिसक सकती है।

ऊपर दिए गए कार्ड प्रत्येक शाखा के लिए, आपके शहर और वर्ष हेतु, गणना की गई तिथि दिखाते हैं -- उन दोनों के लिए जो इस व्रत को प्रतिवर्ष दोहराते हैं और उनके लिए भी जो पहली बार इसे कर रहे हैं। इन तिथियों के पीछे के पूर्ण शास्त्रीय तर्क के लिए, संलग्न लेख देखें।

उपाकर्म निर्णय (सही तिथि का निर्धारण) वास्तव में जटिल विषय है -- सदियों से विभिन्न संप्रदायों और आचार्यों ने अलग-अलग नियम निर्धारित किए हैं, और mypanchang.com पर हमने यहाँ इन दृष्टिकोणों को यथासंभव समाहित करने का प्रयास किया है। इसीलिए कभी-कभी आपको एक ही शाखा के लिए एक से अधिक तिथियाँ दिखाई दे सकती हैं। जहाँ ये भिन्न हों, कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।

Tradition & Practice
🌕
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित
सभी शाखाओं के लिए मुख्य समय श्रावण मास की पूर्णिमा है।
🕉️
चार शाखाएँ
शुक्ल यजुर्वेद, तथा कृष्ण यजुर्वेद की बौधायन, आपस्तम्ब और हिरण्यकेशी सूत्र परंपराएँ, प्रत्येक की अपनी वैकल्पिक तिथियाँ हैं।
📖
पूरा तर्क पढ़ें
इन तिथियों के पीछे के शास्त्रीय नियमों को विस्तार से बताने वाला एक लेख नीचे संलग्न है।
शास्त्री जी से पूछें
📅 यजुर् उपाकर्म 2111 कब है? ⏰ September 8, 2111 का मुहूर्त 📖 September 8, 2111 का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

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