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ॐ

यजुर् उपाकर्म 1939: Kolkata Calcutta, West Bengal

आवनि अवित्तम, यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीनीकरण, आपके शहर के लिए

📍 Kolkata Calcutta, West Bengal, India
‹ 1939 ›
यजुर् उपाकर्म · 1939
📍 Kolkata Calcutta, West Bengal, India
August 29, 1939
आवनि अवित्तम, यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीनीकरण, आपके शहर के लिए
Yajur Upakarma Dates · Kolkata Calcutta
शुक्ल यजुर्वेद
पुनरावृत्ति
August 29, 1939
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
परिहार सहित: August 29, 1939
Shukra Modhyami: please contact your family priest (Pujari/Vadyar) for the appropriate remedy before performing Upakarma.
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
पुनरावृत्ति
August 29, 1939
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
July 1, 1939
गुरु (आषाढ़) पूर्णिमा
Shukra Modhyami begins Aug 16, 1939, ends at Oct 3, 1939
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
पुनरावृत्ति
August 29, 1939
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
July 1, 1939
गुरु (आषाढ़) पूर्णिमा
Shukra Modhyami begins Aug 16, 1939, ends at Oct 3, 1939
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
पुनरावृत्ति
August 29, 1939
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
परिहार सहित: August 29, 1939
Shukra Modhyami: please contact your family priest (Pujari/Vadyar) for the appropriate remedy before performing Upakarma.
गायत्री जप
August 30, 1939
🌅 पिछला सूर्योदय
Aug 28
05:18:36
🌕 पूर्णिमा शुरू
Aug 29
01:13:00
🌅 सूर्योदय
Aug 29
05:18:55
🌇 सूर्यास्त
Aug 29
17:56:50
🌖 पूर्णिमा समाप्त
Aug 30
03:38:37
🌅 अगला सूर्योदय
Aug 30
05:19:14
About

यजुर् उपाकर्म

यजुर्वेद उपाकर्म (जिसे श्रावणी उपाकर्म, और तमिल में आवणि अविट्टम भी कहा जाता है) यज्ञोपवीत (पवित्र जनेऊ) का वार्षिक नवीनीकरण है, जो यजुर्वेद अनुयायी परिवारों द्वारा मनाया जाता है और परंपरागत रूप से श्रावण पूर्णिमा को किया जाता है।

सटीक तिथि प्रतिवर्ष और यजुर्वेद की प्रत्येक शाखा के अनुसार बदल सकती है -- शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद की बौधायन तथा आपस्तम्ब सूत्र परंपराओं के अपने-अपने समय-निर्धारण के नियम हैं, और मुख्य दिन ग्रहण, संक्रांति, तथा ग्रहों के अस्त होने के अनुसार तिथि और आगे भी खिसक सकती है।

ऊपर दिए गए कार्ड प्रत्येक शाखा के लिए, आपके शहर और वर्ष हेतु, गणना की गई तिथि दिखाते हैं -- उन दोनों के लिए जो इस व्रत को प्रतिवर्ष दोहराते हैं और उनके लिए भी जो पहली बार इसे कर रहे हैं। इन तिथियों के पीछे के पूर्ण शास्त्रीय तर्क के लिए, संलग्न लेख देखें।

उपाकर्म निर्णय (सही तिथि का निर्धारण) वास्तव में जटिल विषय है -- सदियों से विभिन्न संप्रदायों और आचार्यों ने अलग-अलग नियम निर्धारित किए हैं, और mypanchang.com पर हमने यहाँ इन दृष्टिकोणों को यथासंभव समाहित करने का प्रयास किया है। इसीलिए कभी-कभी आपको एक ही शाखा के लिए एक से अधिक तिथियाँ दिखाई दे सकती हैं। जहाँ ये भिन्न हों, कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।

Tradition & Practice
🌕
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित
सभी शाखाओं के लिए मुख्य समय श्रावण मास की पूर्णिमा है।
🕉️
चार शाखाएँ
शुक्ल यजुर्वेद, तथा कृष्ण यजुर्वेद की बौधायन, आपस्तम्ब और हिरण्यकेशी सूत्र परंपराएँ, प्रत्येक की अपनी वैकल्पिक तिथियाँ हैं।
📖
पूरा तर्क पढ़ें
इन तिथियों के पीछे के शास्त्रीय नियमों को विस्तार से बताने वाला एक लेख नीचे संलग्न है।
शास्त्री जी से पूछें
📅 यजुर् उपाकर्म 1939 कब है? ⏰ August 29, 1939 का मुहूर्त 📖 August 29, 1939 का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

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