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ॐ

यजुर् उपाकर्म 1909: Washington, District of Columbia

आवनि अवित्तम, यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीनीकरण, आपके शहर के लिए

📍 Washington, District of Columbia, America (United States)
यजुर् उपाकर्म · 1909
📍 Washington, District of Columbia, America (United States)
अगस्त 30, 1909
आवनि अवित्तम, यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीनीकरण, आपके शहर के लिए
Yajur Upakarma Dates · Washington
शुक्ल यजुर्वेद
पुनरावृत्ति
अगस्त 30, 1909
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
अगस्त 20, 1909
shravana_shukla_panchami_hasta
Guru Modhyami begins अगस्त 27, 1909, ends at सितम्बर 29, 1909
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 30, 1909
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
जुलाई 2, 1909
गुरु (आषाढ़) पूर्णिमा
Guru Modhyami begins अगस्त 27, 1909, ends at सितम्बर 29, 1909
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 30, 1909
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
जुलाई 2, 1909
गुरु (आषाढ़) पूर्णिमा
Guru Modhyami begins अगस्त 27, 1909, ends at सितम्बर 29, 1909
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 30, 1909
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
अगस्त 19, 1909
हस्त नक्षत्र, श्रावण शुक्ल
Guru Modhyami begins अगस्त 27, 1909, ends at सितम्बर 29, 1909
गायत्री जप
अगस्त 31, 1909
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 29
05:35:16 AM
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 30
03:37:15 AM
🌅 सूर्योदय
अगस्त 30
05:36:10 AM
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 30
06:41:48 PM
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 31
12:07:44 AM
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 31
05:37:04 AM
परिचय

यजुर् उपाकर्म

यजुर्वेद उपाकर्म (जिसे श्रावणी उपाकर्म, और तमिल में आवणि अविट्टम भी कहा जाता है) यज्ञोपवीत (पवित्र जनेऊ) का वार्षिक नवीनीकरण है, जो यजुर्वेद अनुयायी परिवारों द्वारा मनाया जाता है और परंपरागत रूप से श्रावण पूर्णिमा को किया जाता है।

सटीक तिथि प्रतिवर्ष और यजुर्वेद की प्रत्येक शाखा के अनुसार बदल सकती है: शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद की बौधायन तथा आपस्तम्ब सूत्र परंपराओं के अपने-अपने समय-निर्धारण के नियम हैं, और मुख्य दिन ग्रहण, संक्रांति, तथा ग्रहों के अस्त होने के अनुसार तिथि और आगे भी खिसक सकती है।

ऊपर दिए गए कार्ड प्रत्येक शाखा के लिए, आपके शहर और वर्ष हेतु, गणना की गई तिथि दिखाते हैं, उन दोनों के लिए जो इस व्रत को प्रतिवर्ष दोहराते हैं और उनके लिए भी जो पहली बार इसे कर रहे हैं। इन तिथियों के पीछे के पूर्ण शास्त्रीय तर्क के लिए, संलग्न लेख देखें।

उपाकर्म निर्णय (सही तिथि का निर्धारण) वास्तव में जटिल विषय है। सदियों से विभिन्न संप्रदायों और आचार्यों ने अलग-अलग नियम निर्धारित किए हैं, और mypanchang.com पर हमने यहाँ इन दृष्टिकोणों को यथासंभव समाहित करने का प्रयास किया है। इसीलिए कभी-कभी आपको एक ही शाखा के लिए एक से अधिक तिथियाँ दिखाई दे सकती हैं। जहाँ ये भिन्न हों, कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।

परंपरा और विधि
🌕
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित
सभी शाखाओं के लिए मुख्य समय श्रावण मास की पूर्णिमा है।
🕉️
चार शाखाएँ
शुक्ल यजुर्वेद, तथा कृष्ण यजुर्वेद की बौधायन, आपस्तम्ब और हिरण्यकेशी सूत्र परंपराएँ, प्रत्येक की अपनी वैकल्पिक तिथियाँ हैं।
📖
पूरा तर्क पढ़ें
इन तिथियों के पीछे के शास्त्रीय नियमों को विस्तार से बताने वाला एक लेख नीचे संलग्न है।
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