mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

योगिनी एकादशी 1905

Jyeshtha Krishna Ekadashi: the fast dedicated to Lord Vishnu

📍 Bangalore, India
‹ 1905 ›
योगिनी एकादशी · 1905
📍 Bangalore, India
जून 28, 1905
Jyeshtha Krishna Ekadashi: the fast dedicated to Lord Vishnu
समय · Bangalore
सूर्योदय
05:48:14 AM
सूर्यास्त
06:39:20 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
जून 27
05:47:59 AM
🌙 एकादशी प्रारंभ
जून 27
07:03:45 PM
🌅 सूर्योदय
जून 28
05:48:14 AM
🌇 सूर्यास्त
जून 28
06:39:20 PM
🌙 एकादशी समाप्त
जून 28
08:57:44 PM
🌅 अगला सूर्योदय
जून 29
05:48:29 AM
परिचय

योगिनी एकादशी

श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर को अलका के राजा कुबेर की सेवा में रहने वाले यक्ष हेममाली की कथा सुनाई। उसका दैनिक कर्तव्य कुबेर की शिव पूजा के लिए ताज़े फूल लाना था।

एक दिन अपनी पत्नी के साथ में खोया हेममाली फूल नहीं ला सका। पूजा भंग होने से क्रुद्ध कुबेर ने उसे कुष्ठ रोग से पीड़ित होने और अलका से पृथ्वी पर गिरने का शाप दिया। हेममाली पीड़ा में भटकता हुआ हिमालय में प्राचीन ऋषि मार्कंडेय के आश्रम पहुँचा, और उनके सामने सब कुछ स्वीकार कर लिया।

उसकी सच्चाई से प्रसन्न होकर मार्कंडेय ने उसे योगिनी एकादशी का व्रत रखने को कहा। हेममाली ने भक्ति से उपवास किया, रोगमुक्त हुआ, और अपना तेजस्वी रूप फिर से पाया। कृष्ण ने घोषित किया कि यह व्रत रखना अठासी हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर है और सभी पापों का नाश करता है।

परंपरा और विधि
🌺
हेममाली का उद्धार
इस व्रत से यक्ष का कुष्ठ रोग का शाप दूर हुआ।
🧘
ऋषि मार्कंडेय
चिरयुवा ऋषि ने पश्चात्ताप करते हेममाली को उपाय बताया।
🍚
महान पुण्य
कहा जाता है कि इसे रखना अठासी हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर है।
शास्त्री जी से पूछें
📅 योगिनी एकादशी 1905 कब है? ⏰ योगिनी एकादशी मुहूर्त 📖 जून 28, 1905 का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें