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नायनार तिरुनक्षत्रम (गुरु पूजा) 2036: Mount Vernon, Kansas

इस वर्ष 63 नायनारों की सभी गुरु पूजाएँ, आपके शहर के लिए

📍 Mount Vernon, Kansas, America (United States)
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नायनार तिरुनक्षत्रम (गुरु पूजा) · 2036
📍 Mount Vernon, Kansas, America (United States)
इस वर्ष 63 नायनारों की सभी गुरु पूजाएँ, आपके शहर के लिए
इस वर्ष की गुरु पूजा तिथियाँ · Mount Vernon
6 जनवरी 2036
रविवार
वयिलर नायनार
मार्गळि · रेवती
12 जनवरी 2036
शनिवार
सडैय नायनार
मार्गळि · आर्द्रा
17 जनवरी 2036
गुरुवार
चण्डेश नायनार
थाई · उत्तराफाल्गुनी
21 जनवरी 2036
सोमवार
तिरु नीलकण्ड नायनार
थाई · विशाखा
30 जनवरी 2036
बुधवार
अप्पूधि अडिकळर
थाई · शतभिषा
2 फ़रवरी 2036
शनिवार
कलिक्कम्ब नायनार
थाई · रेवती
7 फ़रवरी 2036
गुरुवार
कण्णप्प नायनार
थाई · मृगशिरा
8 फ़रवरी 2036
शुक्रवार
अरिवट्टय नायनार
थाई · आर्द्रा
22 फ़रवरी 2036
शुक्रवार
करि नायनार
मासी · पूर्वाषाढ़ा
26 फ़रवरी 2036
मंगलवार
कोच्चेन्कट् चोऴ नायनार
मासी · शतभिषा
13 मार्च 2036
गुरुवार
एरिपत्त नायनार
मासी · हस्त
25 मार्च 2036
मंगलवार
धण्डियडिकळ
पंगुनी · शतभिषा
1 अप्रैल 2036
मंगलवार
नेच नायनार
पंगुनी · रोहिणी
3 अप्रैल 2036
गुरुवार
गण नाध नायनार
पंगुनी · आर्द्रा
5 अप्रैल 2036
शनिवार
मुनैयडुवर नायनार
पंगुनी · पुष्य
11 अप्रैल 2036
शुक्रवार
कारैक्काल अम्मैयार
पंगुनी · स्वाती
21 अप्रैल 2036
सोमवार
तिरुनावुक्करशर (अप्पर)
चित्तिरै · शतभिषा
26 अप्रैल 2036
शनिवार
चिरुतोण्ड नायनार
चित्तिरै · भरणी
28 अप्रैल 2036
सोमवार
मंकयर्करसियार
चित्तिरै · रोहिणी
30 अप्रैल 2036
बुधवार
विरन्मिन्ड नायनार
चित्तिरै · आर्द्रा
8 मई 2036
गुरुवार
इसैज्ञानियार
चित्तिरै · चित्रा
9 मई 2036
शुक्रवार
तिरुक्कुरिप्पुत् तोण्डर
चित्तिरै · स्वाती
24 मई 2036
शनिवार
काऴार्चिंक नायनार
वैकासी · भरणी
29 मई 2036
गुरुवार
नमिनाधि नायनार
वैकासी · पुष्य
30 मई 2036
शुक्रवार
चोमाचिमार नायनार
वैकासी · आश्लेषा
9 जून 2036
सोमवार
तिरु ज्ञान सम्बन्धर
वैकासी · मूल
9 जून 2036
सोमवार
तिरु नीलकण्ट याऴ्प्पान नायनार
वैकासी · मूल
9 जून 2036
सोमवार
तिरु नीलनक्क नायनार
वैकासी · मूल
9 जून 2036
सोमवार
मुरुग नायनार
वैकासी · मूल
28 जून 2036
शनिवार
अमर्निधि नायनार
आनी · पूर्वाफाल्गुनी
15 जुलाई 2036
मंगलवार
एयर्कोन् कलिकामर
आनी · रेवती
21 जुलाई 2036
सोमवार
कुर्रुव नायनार
आडी · आर्द्रा
28 जुलाई 2036
सोमवार
पेरुमिऴलैकुरुम्ब नायनार
आडी · चित्रा
29 जुलाई 2036
मंगलवार
चेरमान् पेरुमाळ नायनार
आडी · स्वाती
29 जुलाई 2036
मंगलवार
सुन्दरर (सुन्दरमूर्ति)
आडी · स्वाती
1 अगस्त 2036
शुक्रवार
कलिय नायनार
आडी · ज्येष्ठा
1 अगस्त 2036
शुक्रवार
कोट्पुलि नायनार
आडी · ज्येष्ठा
15 अगस्त 2036
शुक्रवार
पुकऴ् चोऴ नायनार
आडी · कृत्तिका
15 अगस्त 2036
शुक्रवार
मूर्ति नायनार
आडी · कृत्तिका
19 अगस्त 2036
मंगलवार
चेरुत्तुनै नायनार
आवणी · पुष्य
20 अगस्त 2036
बुधवार
अधिपत्त नायनार
आवणी · आश्लेषा
20 अगस्त 2036
बुधवार
पुकऴ्तुनै नायनार
आवणी · आश्लेषा
21 अगस्त 2036
गुरुवार
इलयाङ्कुडिमार नायनार
आवणी · मघा
28 अगस्त 2036
गुरुवार
कुलचिरै नायनार
आवणी · अनुराधा
30 अगस्त 2036
शनिवार
कुंकिलियक्कलय नायनार
आवणी · मूल
28 सितंबर 2036
रविवार
एणाथिनाथ नायनार
पुरट्टासी · उत्तराषाढ़ा
2 अक्टूबर 2036
गुरुवार
नार्चिंग मुनैयरैय नायनार
पुरट्टासी · शतभिषा
6 अक्टूबर 2036
सोमवार
रुद्र पशुपति नायनार
पुरट्टासी · अश्विनी
9 अक्टूबर 2036
गुरुवार
तिरुनालैपोवर नायनार (नन्दनार)
पुरट्टासी · रोहिणी
21 अक्टूबर 2036
मंगलवार
पुसलर नायनार
अइप्पसी · अनुराधा
24 अक्टूबर 2036
शुक्रवार
अय्यडिकळ् कडवर् कोन् नायनार
अइप्पसी · मूल
2 नवंबर 2036
रविवार
तिरुमूल नायनार (तिरुमूलर)
अइप्पसी · अश्विनी
3 नवंबर 2036
सोमवार
निन्र चिर् नेडुमार नायनार
अइप्पसी · भरणी
4 नवंबर 2036
मंगलवार
इडन्कऴि नायनार
अइप्पसी · कृत्तिका
9 नवंबर 2036
रविवार
चत्ति नायनार
अइप्पसी · पुष्य
20 नवंबर 2036
गुरुवार
मूर्ख नायनार
कार्तिकई · मूल
21 नवंबर 2036
शुक्रवार
चिरप्पुलि नायनार
कार्तिकई · पूर्वाषाढ़ा
2 दिसंबर 2036
मंगलवार
कणम्पुल्ल नायनार
कार्तिकई · कृत्तिका
10 दिसंबर 2036
बुधवार
मेय्प्पोरुळ् नायनार
कार्तिकई · उत्तराफाल्गुनी
11 दिसंबर 2036
गुरुवार
अणय नायनार
कार्तिकई · हस्त
18 दिसंबर 2036
गुरुवार
चक्किय नायनार
मार्गळि · पूर्वाषाढ़ा
26 दिसंबर 2036
शुक्रवार
वयिलर नायनार
मार्गळि · रेवती
दृश्य गणित क्या है?

दृश्य का अर्थ है "जो दिखाई दे" और गणित का अर्थ है "गणना"। दृश्य गणित पंचांग वह है जिसकी बात आप अपनी आँखों से परख सकें। जब वह कहता है कि चंद्रमा किसी नक्षत्र में है, तो रात के आकाश में आप उसे वहीं पाएँगे। जब वह ग्रहण, अमावस्या या पूर्णिमा का समय बताता है, तो आकाश उसी समय वह दृश्य दिखाता है।

हमारा पंचांग इसी सिद्धांत पर चलता है। यह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध JPL ग्रह सारणी (एफ़ेमेरिस) के आधार पर आधुनिक खगोल विज्ञान से सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति की गणना करता है (यह साइट नासा या JPL से संबद्ध नहीं है और न ही उनके द्वारा समर्थित है), ताकि हर तिथि, नक्षत्र और पर्व का दिन स्वयं आकाश से मेल खाए।

सदियों से बड़े यत्न से संजोए गए पारंपरिक वाक्य पंचांग अपनी प्राचीन पद्धति का पालन करते हैं। इसलिए कभी-कभी यहाँ की कोई तिथि वाक्य पंचांग से एक दिन भिन्न हो सकती है। ऐसे हर अवसर पर कृपया अपने परिवार या मंदिर की परंपरा का पालन करें।

परिचय

नायनार तिरुनक्षत्रम (गुरु पूजा)

नायन्मार (नायनार) तमिलनाडु के तिरसठ शैव संत हैं। सुंदरर ने सबसे पहले तिरुत्तोण्डर् तोगै में उनके नाम लिए, नम्बियाण्डार् नम्बि ने तिरुत्तोण्डर् तिरुवन्दादि में उनका गुणगान किया, और बारहवीं शताब्दी में सेक्किऴार ने शैव धर्मग्रंथ संग्रह तिरुमुरै के बारहवें ग्रंथ पेरिय पुराणम् में उनके जीवन का पूरा वर्णन किया।

वे जीवन के हर क्षेत्र से आए थे। उनमें चेरमान् पेरुमाळ, कोच्चेन्कट् चोऴर और निन्र सीर् नेडुमारन जैसे राजा थे; शिकारी कण्णप्पर, जिन्होंने कालहस्ती में भगवान को अपनी आँखें अर्पित कर दीं; नन्दनार, जो चिदंबरम में नटराज के दर्शन के लिए तरसते रहे; कारैक्काल अम्मैयार, जो अपने हाथों के बल कैलाश पर चढ़ीं; कुम्हार तिरु नीलकण्डर; ब्राह्मण अप्पूधि अडिगळ, जिन्होंने अप्पर से कभी मिले बिना अपनी हर वस्तु का नाम उनके नाम पर रखा; और पुसलर, जिन्होंने अपने हृदय में एक पूरा मंदिर बनाया। उन्हें जोड़ने वाली थी शिव के प्रति एकनिष्ठ प्रेम और उनके भक्तों की सेवा।

उनमें से तीन, तिरुज्ञान सम्बन्दर, तिरुनावुक्करसर (अप्पर) और सुंदरर, ने वे तेवारम् स्तोत्र गाए जो आज भी प्रतिदिन शिव मंदिरों में गाए जाते हैं। वैकासी मूलम् को तिरुनल्लूर् पेरुमणम् में सम्बन्दर के विवाह के दिन वे, उनकी वधू और सभी अतिथि, जिनमें तिरु नीलनक्कर, मुरुग नायनार और तिरु नीलकण्ड याऴ्प्पाणर भी थे, एक साथ शिव की ज्योति में विलीन हो गए, इसीलिए इन नायनारों की एक ही गुरु पूजा होती है।

प्रत्येक नायनार का स्मरण वर्ष में एक बार उनकी गुरु पूजा (तिरुनक्षत्रम्) पर होता है, अर्थात उनके जीवन से जुड़े तमिल मास में उनके नक्षत्र का दिन। उस दिन शिव मंदिर नायनार की प्रतिमा को स्नान कराकर सजाते हैं, तेवारम् या उनके जीवन से संबंधित पेरिय पुराणम् का अध्याय गाते हैं, और प्रतिमा को शोभायात्रा में निकालते हैं। मयिलापुर का कपालीश्वर मंदिर, तिरुवारूर, चिदंबरम, तिरुवोट्रियूर और नायनारों के अपने जन्म स्थान प्रसिद्ध उत्सव मनाते हैं, और भक्त इन दिनों प्रायः शिव भक्तों को भोजन कराते हैं, जैसा स्वयं नायनार करते थे।

ऊपर दी गई सूची में इस वर्ष आपके नगर के लिए सभी गुरु पूजा के दिन मास अनुसार दिए गए हैं।

தில்லைவாழ் அந்தணர்தம் அடியார்க்கும் அடியேன்
திருநீல கண்டத்துக் குயவனார்க் கடியேன்
இல்லையே என்னாத இயற்பகைக்கும் அடியேன்
இளையான்றன் குடிமாறன் அடியார்க்கும் அடியேன்
வெல்லுமா மிகவல்ல மெய்ப்பொருளுக் கடியேன்
விரிபொழில்சூழ் குன்றையார் விறன்மிண்டற் கடியேன்
அல்லிமென் முல்லையந்தார் அமர்நீதிக் கடியேன்
ஆரூரன் ஆரூரில் அம்மானுக் காளே
tillaivāḻ antaṇartam aṭiyārkkum aṭiyēṉ
tirunīla kaṇṭattuk kuyavaṉārk kaṭiyēṉ
illaiyē eṉṉāta iyaṟpakaikkum aṭiyēṉ
iḷaiyāṉṟaṉ kuṭimāṟaṉ aṭiyārkkum aṭiyēṉ
vellumā mikavalla meypporuḷuk kaṭiyēṉ
viripoḻilcūḻ kuṉṟaiyār viṟaṉmiṇṭaṟ kaṭiyēṉ
allimeṉ mullaiyantār amarnītik kaṭiyēṉ
ārūraṉ ārūril ammāṉuk kāḷē
"I am the servant of the servants of the holy ones who dwell in Tillai; servant of Thiru Neelakandar the potter; of Iyarpagai, who never said "I have nothing"; of the servants of Maran of Ilayankudi; of Meypporul, mighty and true; of Viranmindar of Kunrai, girt with spreading groves; of Amarneedhi, who wears a garland of soft jasmine. So sings Arooran, the servant of the Lord of Aroor."
Sundarar, Thiruthondar Thogai, Thevaram 7.39.1, first verse (text and transliteration as published by thevaaram.org)
परंपरा और विधि
📜
63 नायन्मार
सुंदरर ने तिरुत्तोण्डर् तोगै में इनके नाम लिए और सेक्किऴार ने पेरिय पुराणम् में इनका पूरा वर्णन किया।
🎶
तेवारम् के तीन संत
तिरुज्ञान सम्बन्दर, तिरुनावुक्करसर (अप्पर) और सुंदरर, जिनके स्तोत्र प्रतिदिन शिव मंदिरों में गाए जाते हैं।
🛕
मंदिरों में गुरु पूजा
नायनार की प्रतिमा का अभिषेक, उनके जीवन से संबंधित पेरिय पुराणम् का अध्याय, और शोभायात्रा।
🙏
साझा दिन
कुछ नायनारों की गुरु पूजा एक ही दिन होती है, जैसे चेरमान् पेरुमाळ के साथ सुंदरर की, और तीन साथियों के साथ सम्बन्दर की।
शास्त्री जी से पूछें
📅 नायनार तिरुनक्षत्रम (गुरु पूजा) 2036 कब है? ⏰ 6 जनवरी 2036 (रविवार) का मुहूर्त 📖 6 जनवरी 2036 (रविवार) का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

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